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सर्वाइकल पेन से पाना चाहते हैं छुटकारा। अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय, दर्द से मिलेगा आराम..

रीढ़ की हड्डी के जोड़ों और डिस्क में समस्या होने पर सर्वाइकल (गर्दन का  दर्द) का दर्द उठता है। बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। लेकिन सर्वाइकल का दर्द आजकल काफी सामान्य हो चुका है, अब बच्चे तक इस दर्द की शिकायत करते हैं। सर्वाइकल पेन सर्वाइकल स्पोंडिलोलिसिस या ऑस्टियोअर्थराइटिस के कारण होने वाला दर्द है। इस स्थिति में उन हड्डियों, डिस्क या जोड़ों में बदलाव होता है, जो गर्दन से जुड़े होते हैं। सर्वाइकल के दर्द से आराम पाने के लिए लोग तरह-तरह की एक्सरसाइज, योग करते हैं। साथ ही दर्दनिवारक दवाइयों का भी सेवन करते हैं। लेकिन आप चाहें तो कुछ आयुर्वेदिक उपायों की मदद से भी सर्वाइकल के दर्द से आराम पा सकते हैं।

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सर्वाइकल पेन के लिए कौन-कौन से आयुर्वेदिक उपाय आजमाने चाहिए। 
1. अरंडी का तेल: अरंडी का तेल मांसपेशियों, हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी फायदेमंद होता है। सर्वाइकल के दर्द में भी अरंडी का तेल लगाना लाभकारी होता है। गर्दन में दर्द होने पर आप दिन में दो बार अरंडी के तेल से गर्दन की मालिश करें। सर्वाइकल दर्द में आपको रात के समय अरंडी के तेल से मालिश करनी चाहिए। इससे विषाक्त पदार्थ साफ होते हैं। अरंडी का तेल वात दोष को भी संतुलित करने में मदद करता है।

2. तिल का तेल: तिल का तेल पुराने से पुराने जोड़ों की समस्याओं को दूर करने का एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है। आयुर्वेद में तिल के तेल को प्रमुख स्थान में रखा गया है। सर्वाइकल के दर्द से छुटकारा पाने के लिए तिल का तेल सबसे बेहतरीन माना गया है। तिल का तेल जोड़ों, मांसपेशियों के लिए काफी फायदेमंद होता है। तिल के तेल से जोड़ों को पोषण मिलता है, सर्वाइकल के दर्द में भी आराम मिलता है। तिल का तेल हल्का होता है और ऊतकों में आसानी से प्रवेश कर जाता है। 

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3. लहसुन: लहसुन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। लहसुन की तासीर बेहद गर्म होती है, यह वात दोष को संतुलित करने में मदद करता है। रोज सुबह खाली पेट कच्ची लहसुन की कलियों को पानी के साथ खाने से सर्वाइकल के दर्द में आराम मिलता है। आप चाहें तो लहसुन के तेल से प्रभावित स्थान पर मसाज भी कर सकते हैं। इसके लिए 3-4 लहसुन की कलियों को कुचल लें, इसमें तेल में गर्म करें। अब इस तैयार तेल से गर्दन की मालिश करें। इसके अलावा आप अदरक के सेवन से भी गर्दन के दर्द से आराम पा सकते हैं। 

4. योगासन: आयुर्वेद में योग का काफी महत्व है। योग करने से कई तरह की समस्याओं में आराम मिलता है। योगासन शरीर के दर्द में आराम देता है, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत भी बनाता है। सर्वाइकल दर्द में भी आप हल्के योगासन कर सकते हैं। इससे गर्दन और कंधों के आसपास का दर्द और जकड़न कम होने में मदद मिलती है।

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5. अश्वगंधा: आयुर्वेद में अश्वगंधा का उपयोग तरह-तरह की समस्याओं में किया जाता है। अश्वगंधा इम्यूनिटी बढ़ाता है, इसमें सूजन रोधी गुण भी होते हैं। अश्वगंधा तंत्रिका, श्वसन और प्रजनन प्रणाली पर कार्य करता है। मांसपेशियों की क्षति, कमजोरी में अश्वगंधा कार्य करता है। अगर आप सर्वाइकल के दर्द से परेशान हैं, तो अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। आप अश्वगंधा का सेवन पाउडर, कैप्सूल आदि के रूप में ले सकते हैं। 

6. बला: बला का पौधा काफी गुणकारी होता है, इसमें कई औषधीय गुण होते हैं। जो तरह-तरह की समस्याओं के इलाज में लाभकारी होते हैं। बला की छाल का काढ़ा मांसपेशियों की जकड़न दूर करता है। बला की जड़ के काढ़े में नमक डालकर पीने से बांह की जकड़न दूर होती है। 2 ग्राम बला की जड़ के साथ 2 ग्राम नीम की छाल मिलाकर काढ़ा पानी से सर्वाइकल के दर्द में आराम मिलता है। सर्वाइकल दर्द होने पर आप सुबह-शाम इसका काढ़ा पी सकते हैं।

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7. हल्दी: हल्दी एक नैचुरल पेन किलर होती है। हल्दी ब्लड सर्कुलेशन को तेज करती है इसलिए इसके सेवन से दर्द में राहत मिलती है और इससे गर्दन की अकड़ भी कम होती है। अगर आपको सर्वाइकल पेन है तो एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा करके इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। इसे रोज दिन में दो बार पीने से गर्दन के साथ-साथ शरीर के किसी भी दर्द में राहत मिलती है।
8. सिकाई: गर्दन में दर्द की वजह से कई बार सूजन भी आ जाती है। ऐसे में एक लीटर पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर उबाल लें। गुनगुना हो जाने पर इस पानी को बोतल में भरकर प्रभावित जगह पर सिंकाई करें।

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सर्वाइकल पैन से छुटकारा पाने के लिए ध्यान रखें ये बातें
1- बैठते समय अपनी गर्दन को सीधा रखें। 
2- मुलायम गद्दे की बजाय तख्त में लेटे। 
3-विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर चीजों को अपना डाइट में करें शामिल। 
4- स्मोकिंग, कैफीन युक्त चीजों से दूरी बनाएं। 
5- रोजाना गर्दन से संबंधित एक्सरसाइज जरूर करें। 
6- लगातार काम करने के बाद हल्का सा भी दर्द हो सिकाई करें।

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Disclaimer: HillVani लेख में जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है। इस आर्टिकल में बताई गई विधि, तरीक़ों व दावों की भी पुष्टि नहीं करता है। इनको केवल सुझाव के रूप में लें। इस तरह के किसी भी उपचार / दवा / डाइट पर अमल करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।


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