हिलवाणी को सहयोग करने के लिए क्लिक करें👇

SIT ने वनंत्रा रिजॉर्ट से जुटाए साक्ष्य, रिमांड में लिए जाएंगे आरोपी। अंकिता के पिता ने की यह फरियाद..

SIT collects evidence from Vanantra Resort. Hillvani News

SIT collects evidence from Vanantra Resort. Hillvani News

अंकिता हत्याकांड को लेकर एसआईटी प्रभारी पी रेणुका देवी टीम के साथ वनंत्रा रिजॉर्ट पहुंचीं। टीम फैक्टरी के रास्ते से रिजॉर्ट में दाखिल हुई। टीम ने रिजॉर्ट और फैक्टरी के अंदर जांच की। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। सीसीटीवी फुटेज और फोन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। बताया कि अगर मृतका का मित्र महत्वपूर्ण गवाह है तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी। रिजॉर्ट में काम करने वाले पुराने लोगों से भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। घटना के दिन आरोपी जिस मोटरसाइकिल और स्कूटी से गए थे एसआईटी ने उसको बरामद कर लिया है। एसआईटी टीम ने करीब एक घंटे तक रिजॉर्ट को खंगाला। शाम को 6:20 पर टीम वापस लौट गई, लेकिन करीब 6:30 बजे टीम एडीजी वी मुरुगेशन और फॉरेंसिक टीम के साथ वापस लौटी। एडीजी की मौजूदगी में फॉरेंसिक टीम ने रिजॉर्ट से कुछ महत्वपूर्ण सैंपल लिए। करीब 45 मिनट बाद टीम फिर लौट गई। एडीजी ने बताया कि मामले में मीडिया और अन्य माध्यमों से मिलने वाली जानकारी को जांच में शामिल किया जा रहा है। अभी जांच चल रही है तो टीम बार-बार घटना स्थलों का निरीक्षण करेगी। पूछताछ और साक्ष्य को एकत्र करना भी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों की रिमांड ली जाएगी। बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा किया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड को मिला बेस्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन अवार्ड, हेलीकॉप्टर से पर्यटक कर सकेंगे हिमालय दर्शन..

वनंत्रा रिजॉर्ट पर अब जांच का शिकंजा
अंकिता हत्याकांड से सवालों के निशाने पर आए वनंत्रा रिजॉर्ट की वैधता की जांच को लेकर पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी को 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी है। हत्याकांड के बाद रिजॉर्ट की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि रिजॉर्ट सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया गया है। राजाजी नेशनल पार्क के पास होने की वजह से वन भूमि पर अतिक्रमण की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। इसके साथ ही रिजॉर्ट के लिए दी जा रही अनुमति को लेकर भी तमाम तरह के सवाल हैं। इन तमाम शिकायतों, आरोपों और सवालों के बीच पौड़ी के जिलाधिकारी ने एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है, जिसमें राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को भी रखा गया है। कमेटी को मौके पर जाकर रिजॉर्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
इन सवालों के जवाब तलाशेगी जांच कमेटी
1- क्या रिजॉर्ट के लिए राजस्व व वन भूमि पर अतिक्रमण तो नहीं हुआ।
2- रिजॉर्ट संचालित करने के लिए क्या जरूरी स्वीकृतियां ली गईं।
3- रिजॉर्ट चलाने के लिए जरूरी मानकों का पालन किया गया या नहीं।
4- रिजॉर्ट में कार्यरत कर्मचारियों का पूरा विवरण, वे कब से तैनात हैं।
5- रिजॉर्ट में एहतियात और सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय किए गए थे या नहीं।
6- बिजली पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए अनुमतियां ली गईं या नहीं।

यह भी पढ़ेंः घर बैठे 104 पर कॉल कर डॉक्टर से लें मुफ्त परामर्श। बताइए बीमारी, हासिल करें चिकित्सा सलाह..

अंकिता के पिता को विनोद आर्य पर भी शक
अंकिता भंडारी के पिता बीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि वह अपने रसूख का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलकित के पिता डॉ. विनोद आर्य को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वह बाहर रहेंगे तो हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों को मिटा देंगे। उन्होंने दावा किया कि 20 सितंबर से ही वे आरोपी के पिता को साक्ष्य मिटाते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस ने आरोपी के पिता की आवभगत की और हमारी शिकायत को दर्ज तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि अंकिता के तीनों हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। भंडारी ने संबंधित पटवारी को भी दंडित करने की मांग की थी। कहा कि पटवारी ने पुलकित की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की थी लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। पटवारी ने इसकी रिसीविंग भी नहीं दी। पटवारी उन्हें घुमाता रहा। जब पौड़ी में कर्मचारी संगठन के एक पदाधिकारी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने हस्तक्षेप किया तो मामले में कार्रवाई हुई। वहीं उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अंकिता के पिता ने कुछ पैसे लेकर बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने इन खबरों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बेटी के शव से बदबू आने लग गई थी और वे चाहते थे कि अंतिम संस्कार जल्द हो जाए।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड में फिर सियासी हलचल तेज! BJP हाईकमान ने सीएम, स्पीकर और अध्यक्ष को किया दिल्ली तलब..

पटवारी वैभव प्रताप सस्पेंड
अंकिता के रिजॉर्ट से लापता होने की सूचना मिलने पर छुट्टी जाने वाले राजस्व उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित राजस्व उप निरीक्षक को तहसील थलीसैण संबद्ध किया गया है। डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने निलंबन आदेश जारी करते हुए एसडीएम लैंसडौन को प्रकरण की पूरी जांच के निर्देश दिए हैं। एसडीएम लैंसडौन से पहले डीएम ने मामले की जांच एसडीएम यमकेश्वर को दी थी। अब एसडीएम यमकेश्वर की प्रारंभिक जांच में राजस्व क्षेत्र उदयपुर तल्ला-2 के राजस्व उप निरीक्षक वैभव प्रताप सिंह को कार्यों में लापरवाही का दोषी पाया है। बताया गया कि रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता 18 सितंबर को लापता हुई थी। घटना की सूचना राजस्व उप निरीक्षक वैभव प्रताप सिंह को 19 सितंबर को पता चली थी लेकिन उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी और वह 20 सितंबर से 23 सितंबर तक पिता के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए छुट्टी पर चले गए थे। जांच में यह भी बताया गया कि अंकिता के पिता की ओर से 19 सितंबर को फोन पर दी गई पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एसडीएम की प्रारंभिक जांच के आधार पर राजस्व उप निरीक्षक वैभव प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। उनकी शिकायतें पहले भी मिली हैं। वहीं राजस्व क्षेत्र उदयपुर तल्ला-2 में प्रभारी राजस्व निरीक्षक रहे विवेक कुमार को बीते 23 सिंतबर को ही निलंबित किया जा चुका है। विवेक कुमार पर अंकिता के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने का आरोप है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंडः भर्तियों के लिए बनेगी सख्त नियमावली, युवाओं के साथ नहीं होने देंगे धोखा- मुख्यमंत्री

Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिलवाणी में आपका स्वागत है |

X