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चुनावी भ्रमण: इस विधानसभा में हर चुनाव में बदला विधायक, क्या टूटेगा ये ट्रेंड?

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देवप्रयाग: उत्तराखंड में 14 फरवरी को विधानसभा की 70 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी और अन्य सभी विपक्षी दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी। उत्तराखंड की देवप्रयाग विधानसभा सीट से विनोद कंडारी भारतीय जनता पार्टी के विधायक चुने गए। टिहरी गढ़वाल जिले का देवप्रयाग एक कस्बा है। देवप्रयाग का आध्यात्मिक महत्व भी है। यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। देवप्रयाग में ही अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम स्थल है। देवप्रयाग से आगे भागीरथी और अलकनंदा नदी गंगा बनकर यहां से बहती हैं।

देवप्रयाग सीट पर अभी तक के चुनावों के परिणाम
देवप्रयाग विधानसभा सीट राज्य गठन के बाद 2002 में पहली बार चुनाव कराया गया था। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार मंत्री प्रसाद नैथानी विधायक चुने गए थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रघुवीर सिंह पवार को हराया था। 2007 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल के दिवाकर भट्ट विधायक चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के विधायक रहे मंत्री प्रसाद नैथानी को हराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के विधायक रहे मंत्री प्रसाद नैथानी निर्दलीय चुनाव मैदान में थे। उन्होंने भाजपा के दिवाकर भट्ट को हराया था। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार मंत्री प्रसाद नैथानी को 12,294 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के दिवाकर भट्ट को 10,753 वोट मिला था। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार महिपाल सिंह थे, जिन्हें 6,706 वोट मिला था। चौथे नंबर पर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार शूरवीर सिंह सजवान थे, जिन्हें 6,358 वोट मिला था।

2017 का जनादेश। चुनाव के आंकड़े
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीटसे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विनोद कंडारी विधायक चुने गए। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार दिवाकर भट्ट को हराया था। इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार विनोद कंडारी को 13,824 वोट मिला था, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार दिवाकर भट्ट को 10,325 वोट मिला था। तीसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार मंत्री प्रसाद थे, जिन्हें 8,742 वोट मिला था। चौथे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार शूरवीर सिंह थे, जिन्हें 6,681 वोट मिला था। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा का वोट शेयर 31.75 प्रतिशत था। निर्दलीय उम्मीदवार दिवाकर भट्ट का वोट शेयर 23.72 प्रतिशत था। कांग्रेस पार्टी का वोट शेयर 20.8 प्रतिशत था और निर्दलीय उम्मीदवार शूरवीर सिंह का वोट शेयर 15.35 प्रतिशत था।

विधायक का रिपोर्ट कार्ड
देवप्रयाग विधानसभा सीट से विधायक विनोद कंडारी का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान इस इलाके में काफी विकास कार्य हुए हैं। वे कहते हैं कि हमने विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने के साथ ही पेयजल, शिक्षा, युवाओं के लिए खेल मैदान और स्वास्थ्य को लेकर काफी कार्य कराए हैं। देवप्रयाग विधानसभा सीट पर भी 70 विधानसभा सीटों के साथ 14 फरवरी को मतदान होना है। देवप्रयाग विधानसभा सीट से भाजपा ने इस दफे भी विनोद कंडारी पर जीत का विश्वास जताते हुए दोबारा टिकट दिया है। भाजपा के निवर्तमान विधायक विनोद कंडारी के खिलाफ कांग्रेस ने भी पुराने चेहरे मंत्री प्रसाद नैथानी को उम्मीदवार बनाया है और यूकेडी से दिवाकर भट्ट हैं।

सामाजिक ताना-बाना
देवप्रयाग विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां ब्राह्मण मतदाताओं की तादाद अधिक है। तीर्थ स्थल होने के कारण यहां तीर्थ पुरोहित बड़ी तादाद में रहते हैं। देवप्रयाग विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में क्षत्रिय के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
युवाओं और महिलाओं की पहली पसंद विनोद कंडारी
देवप्रयाग विधानसभा सीट पर युवा विधायक युवाओं के बीच एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं। इस सीट के युवाओं की पहली पसंद वर्तमान विधायक विनोद कंडारी है जो कंडारी को यहां पर मजबूत प्रत्याशी के रूप में सबसे आगे रखती है। साथ इस इस विधानसभा की महिलाएं भी विनोद कंडारी पर पूर्ण विश्वास कर जीत की ओर आगे बढ़ा रही हैं। इस विधानसभा सीट पर एक बार फिर विनोद कंडारी को सबसे मजबूत चहरे के रूप में सबसे आगे रखती है।

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