हिलवाणी को सहयोग करने के लिए क्लिक करें👇

वनकर्मियों को ईमानदारी से ड्यूटी करना पड़ा भारी, पूर्व IPS के दबाब में उपनिदेशक ने किया सस्पेंड। वीडियों वायरल…

Hillvani-Rajaji-Park-Uttarakhand

Hillvani-Rajaji-Park-Uttarakhand

ऋषिकेशः सोशल मीडिया पर एक और ताजा प्रकरण वायरल हो रहा है। जिसमें रात के समय पर्यटकों को टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घुसने से रोकने के बाद उल्टा दो वन दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया गया है। इतना ही नहीं अपने कर्तव्य का पालन कर रहे दोनों वन कर्मियों पर पुलिस ने भी मारपीट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है राजाजी नेशनल पार्क से जहां तैनात दो वनकर्मियों को इमानदारी से ड्यूटी निभाना मंहगा पड़ गया है। बताया जा रहा है कि वनकर्मियों ने नियमों के तहत यूपी के एक आईपीएस और उनके कुछ साथियों को रात में जंगल के अंदर जाने से रोका था। जिस कारण उत्तराखंड वन विभाग ने वन रक्षक हरीश कुमार और एक अन्य वनपाल अनिल कुमार को निलंबित कर दिया। शासन की इस कार्रवाई पर सवालियां निशान खड़े हो रहे है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंडः रहस्यों को समेटे मिली सबसे बड़ी गुफा, चट्टानों पर उभरे हैं शिवलिंग व पौराणिक चित्र, देखें तस्वीरें..

घटना बीते 29 मार्च राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क के गौहरमाफी रेंज की है, जहां 29 मार्च को रात्रि 9:30 बजे करीब ऋषिकेश-पौड़ी बॉर्डर पर बैराज पुल पार लगे राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क के एंट्री पोस्ट पर दो वन दरोगा कुछ अन्य कर्मचारियों सहित ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान UP80FX3666 नंबर की एक कार चेक पोस्ट पर रूकी और ड्यूटी कर रहे वन दरोगा अनिल कुमार और हरीश कुमार से बैरियल खोलने के लिए कहने लगे और रात्रि में ही टाइगर रिजर्व क्षेत्र में प्रवेश करने की जिद् करने लगे। वन दरोगा अनिल कुमार ने उन्हें नियमों का हवाला दिया कि सूर्यास्त के बाद टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है। रात्रि में टाइगर रिजर्व क्षेत्र में प्रवेश करना जोखिम भरा है जिस कारण सूर्यास्त के बाद पार्क में प्रवेश वर्जित है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंडः कब खुलेंगे धामों के कपाट, इसबार चारधाम यात्रा से उम्मीद बड़ी…

लेकिन कार में मौजूद एक पर्यटक ने अपने आप को यूपी के एक पूर्व आईपीएस अधिकारी का बेटा होने की धौंस जताते हुए वन विभाग के दोनों वन दरोगा और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ ड्यूटी के दौरान ही मारपीट और जमकर गोली-गलोज करी। जिसका की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक युवक वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को गाली गलौज देता हुआ सुनाई दे रहा है। आरोप है कि नशे में धुत आगरा के पूर्व आईपीएस के इस बेटे ने रात्रि में प्रतिबंधित राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घुसने की जिद् की। कर्मचारियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने विभागीय कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने के बाद उल्टा लक्ष्मण झूला थाने में वन कर्मियों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया और पुलिस ने भी दोनों वन दरोगाओं पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। कुछ ही देर बाद राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क के उपनिदेशक अमित कुंवर ने आदेश जारी कर इमानदारी से ड्यूटी कर रहे दोनों वन दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया।

यह भी पढ़ेंः मासूम बेटे लेकर पिता ने गंगा में उतारी कार, डूबने की आशंका। तलाश जारी..

हालांकि वन दरोगा अनिल कुमार ने आरोपी पूर्व आईपीएस के बेटे और उसके साथियों पर संबंधित वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया था। बावजूद इसके विभाग द्वारा उल्टा अपनी ड्यूटी निभा रहे इन कर्मचारियों के ही निलंबन के आदेश जारी हो गए। यह घटना अपने आप में हैरान करने वाली है कि प्रदेश में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठता से ड्यूटी कर रहे कर्मचारी किस तरह अधिकारियों के उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। वन विभाग ने भी दोषी पर्यटकों पर कार्रवाई करने के बजाए दबाव में अपने ही कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया।

शारीरिक रूप से विकलांग हैं वन दरोगा अनिल कुमार
पुलिस ने जिन दो वन दरोगा पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है उनमें से एक वन दरोगा अनिल कुमार का एक हाथ नहीं है। वन विभाग में भर्ती होने के बाद एक हादसे में उन्होंने अपना एक हाथ गवां दिया था। लेकिन पुलिस ने भी पड़ताल किए बिना ही दोनों दरोगाओं के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी सहित आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी वीरेंद्र रमोला ने बताया कि घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई है, मामले की जांच चल रही है।

यह भी पढ़ेंः ब्रेन में ट्यूमर होने के 9 बड़े संकेत, सतर्क रहें। अनदेखी पड़ सकती है भारी..

नियमों के विरुद्ध किया गया वन दरोगा को सस्पेंड
जानकारों की माने तो वन दरोगा एक अधिकारी श्रेणी के समकक्ष होता है, जिसको सस्पेंड करने का अधिकार निदेशक को होता है। उपनिदेशक को यह अधिकार प्राप्त नहीं है कि वह फॉरेस्टर रैंक के अधिकारी को सस्पेंड कर सके। लेकिन मनमाने तरीके उपनिदेशक अमित कुमार ने दोषी पर्यटकों के पर कार्यवाही करने के बजाए आगरा के एक रिटायर्ड आईपीएस के दबाव में अपने दोनों वन दरोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर वायरल गया।

कर्मचारी संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे दोनों वन दरोगा को सस्पेंड करने के बाद वन आरक्षी, वन बीट अधिकारी संघ और सहायक 1 कर्मचारी संगठन निलंबित दोनों वन दरोगाओं के निलंबन पर भड़क उठे हैं। अवैधानिक तरीके से हुए इस निलंबन के खिलाफ संगठन लामबंद हो गया है। वन आरक्षी, वन बीट अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष काका कश्यप व सचिव फरमान अली ने विभागीय अधिकारी पर आरोप लगाया है कि दोनों कर्मचारी इमानदारी से ड्यूटी निभा रहे थे और रात्रि में राजा जी पार्क क्षेत्र मैं प्रवेश वर्जित है। जिस कारण पर्यटकों को वर्जित क्षेत्र में घुसने नहीं दिया गया। उन व्यक्तियों ने ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करी जिसका संगठन पुरजोर विरोध करता है, लेकिन उपनिदेशक ने दोषी पर्यटकों पर कारवाई करने के बजाय अपने ही कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। संगठन ने कहा कि शीघ्र ही दोनों का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो संगठन कार्य बहिष्कार को मजबूर होगा।

यह भी पढ़ेंः लक्ष्मण झूला पुल की तार टूटने से मचा हड़कंप, आवाजाही हुई बंद। देखें वीडियो.

Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिलवाणी में आपका स्वागत है |

X