हिलवाणी को सहयोग करने के लिए क्लिक करें👇

माल्टा उत्पादन करने वाले काश्तकार सरकार के समर्थन मूल्य से नाखुश..

0
Malta Producing Farmers in Rudraprayag

Malta Producing Farmers in Rudraprayag : रुद्रप्रयाग जिले के सबसे अधिक माल्टा उत्पादन करने वाले काश्तकार सरकार के समर्थन मूल्य से नाखुश हैं। उन्होंने सरकार से माल्टा का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग उठाई है। बता दे रुद्रप्रयाग जिले में माल्टा फल के विपणन की कोई नीति नहीं होने के कारण काश्तकार की माल्टा फसल बंदर और पक्षी नष्ट कर रहे हैं। सरकार ने C ग्रेड का समर्थन मूल्य 9₹ किलो घोषित किया है। ऐसे में सरकार से नाराज काश्तकार अब अपने बगीचे के माल्टे के पेड़ों को काटने की सोचने लगे हैं।

ये भी पढिए : जंगली जानवरों के हमले में घायल या मृत्यु होने पर मिलेंगे इतने रुपये। अब ये होंगी नई दरें, देखिए चार्ट..

सही मूल्य न मिलने से पेड़ों पर ही लगा है माल्टा | Malta Producing Farmers in Rudraprayag

माल्टा उत्पादन करने वाले अजीत सिंह कंडारी ने बताया कि उद्यान विभाग की योजना से कुछ वर्ष पूर्व 200 पेड़ माल्टा के लगाए थे, जो अब फल देने लगे हैं। वर्तमान में उनके पास 40 से 50 क्विंटल तक अच्छी गुणवत्ता का माल्टा तैयार है, लेकिन सही मूल्य न मिलने से माल्टा फल पेड़ों पर ही लगा है। अजीत सिंह कंडारी ने बताया कि सरकार द्वारा केवल सी ग्रेड के माल्टा का ही समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। वह भी मात्र 9 रुपये प्रति किलोग्राम। उनके पास ए और बी ग्रेड का माल्टा उपलब्ध है। ऐसे ही कई काश्तकार और होंगे जिनके पास ए और बी ग्रेड का माल्टा होगा, लेकिन वह भी सी ग्रेड के ही भाव बिक रहा है। ऐसे में काश्तकारों को उसकी लागत भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर है कि वह अपने माल्टे को खेत में ही सड़ने दें और माल्टे के सभी पेड़ों को काटकर कुछ नया करें।

सस्ता माल्टा खरीदकर किसानों को लूट रहे जूस फैक्ट्री वाले | Malta Producing Farmers in Rudraprayag

उन्होंने कहा कि पिछले दो तीन वर्षों से उनकी माल्टा की फसल बिना बिके ही रह गई थी। ऐसे में उन्होंने उस समय भी सरकार से पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन तत्कालीन केदारनाथ विधायक मनोज रावत के आश्वासन के बाद उन्होंने अपनी मांग वापस ली थी। काश्तकार अजीत सिंह कंडारी ने बताया कि पहाड़ में एक माल्टा ही ऐसा फल है, जिसका न केवल फल बल्कि बीज और छिलका भी काम आता है। ये काश्तकार की आर्थिकी में मददगार साबित हो सकता है, लेकिन सरकार सी ग्रेड के माल्टा का जूश, जैम, जैली, कैंडी और रसना पाउडर के रूप में उपयोग करने की बजाय जूस फैक्ट्री को देकर अपना पल्ला झाड़ रही है। जिसकी आड़ में जूस फैक्ट्री वाले सस्ता माल्टा खरीदकर किसानों को लूट रहे हैं। ए और बी ग्रेड के माल्टा का समर्थन मूल्य न देकर सरकार पहाड़ और काश्तकार का मजाक उड़ा रही है।

ये भी पढिए : CBSE Board Exam 2024: इस दिन जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड, पढ़ें पूरी जानकारी..

Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

हिलवाणी में आपका स्वागत है |

X