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“मम्मी मेरे पापा कौन” पोस्टर ने मचाई हलचल, क्यों और किसने लगए ये पोस्टर? बना चर्चा का विषय..

द्वाराहाट: आज एक पोस्टर ने हलचल मचा दी जब द्वाराहाट विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में कफड़ा जालली और द्वाराहाट के साथ-साथ कई स्थानों पर इस प्रकार का पोस्टर देखा गया जिसपर एक मां और मां की गोद में बच्चा दिखाया गया है और लिखा गया है की “मम्मी मेरा पापा कौन” और साथ ही लिखा है “ऐसे में कैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”। आखिर रात ही रात में किसने ये पोस्टर चिपका दिए बता दें कि पोस्टर में न तो प्रिंटिंग प्रेस का नाम है और न ही मुद्रक का नाम। पोस्टर उस समय लगाए गए जब पूरे विधानसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा द्वाराहाट विधायक महेश नेगी को मिली क्लीन चिट की खबर से उत्साहित होकर आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण का कार्यक्रम किया जा रहा है। रात ही रात में पोस्टर लगा दिए गए।

आखिर किसके द्वारा लगवाए गए ये पोस्टर। ये चर्चा आज द्वाराहाट में जम कर हो रही है चाहे किसी कार्यालय की बात हो किसी दुकान की बात या फिर गली चौराहों पर हर जगह यही बात कि किसने लगाए पोस्टर। क्या कांग्रेस की ओर से लगाए गए या फिर भाजपा के द्वाराहाट विधानसभा से किसी दावेदार या फिर किसी अन्य पार्टी ने यह सवाल सबके जेहन में कौंध रहा है। जो भी हो कही न कही राजनीति हल्के में इसकी चर्चा भी खास बना रही है। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होने पर द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी की पर दायर याचिका निस्तारित कर दी थी। महिला की ओर से दायर मामले में कोर्ट ने सरकार और विधायक से 13 जनवरी तक शपथ पत्र पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी। बीते शुक्रवार को न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष इस मुकदमे के जांच अधिकारी की ओर से अंतिम जांच रिपोर्ट पेश की गई। जांच में विधायक नेगी के खिलाफ रेप की पुष्टि नहीं हुई। 

हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होने पर द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी की याचिका निस्तारित करने के बाद पीड़िता ने कहा था कि सत्ता के दबाव में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई है। पीड़िता ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है। वे सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। पीड़िता ने कहा था कि पुलिस जांच में उनके व विधायक के कई जगह साथ रहने की पुष्टि हो चुकी है। सिनर्जी हॉस्पिटल में भी विधायक ने उनका इलाज करवाया। पुलिस ने जांच में तथ्यों की अनदेखी की है। पीड़िता ने फिर दोहराया कि उसकी बेटी का पिता भाजपा विधायक महेश नेगी है। बिना डीएनए जांच के पुलिस कैसे फाइनल रिपोर्ट लगा सकती है। इसके अलावा उसकी बेटी की ओर से भी भरण पोषण का मुकदमा दर्ज किया हुआ है। पीड़िता ने नये सिरे से पुलिस जांच की मांग की है। पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने सत्ता के दबाव में गुपचुप ढंग से 5 नवंबर को ही फाइनल रिपोर्ट लगा दी और कोर्ट व उन्हें फाइनल रिपोर्ट की प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई।

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