
Food Safety and Drug Administration. Hillvani News
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड डॉ. आर. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आगामी त्योहारी सीजन नवरात्र, दीपावली आदि के दौरान आम जनमानस द्वारा प्रमुखतय् प्रयोग में लाये जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने व इनमें मिलावट की संभावना के दृष्टिगत पूर्व से ही विभागीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें सर्विलांस नमूना संग्रहण, विधिक नमूनों का संग्रहण व त्वरित जांच, खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण आदि घटक प्रमुख रूप से शामिल किये गये हैं, साथ ही मोबाईल फूड टेस्टिंग के माध्यम से खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच व उपभोक्ताओं को घरेलु तरीकों से मिलावट की जांच के संबध में जागरूक भी किया जायेगा। एफएसएसएआई भारत सरकार के निर्देषानुसार राज्य हेतु वर्ष 2023-24 वर्ष 2024-25 तैयार किये गये वार्षिक सर्विलांस प्लॉन के तहत प्रत्येक माह राज्य में 500 फूड सैंम्पल लेकर जांच हेतु भेजे जाएंगे।
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उक्त नमूनों के संग्रहण में एकरूपता के दृष्टिगत् तैयार प्लॉन में प्रथम चरण में माह अक्टूबर से दिसंबर 2023 तक सर्विलांस में दूध एवं दुग्ध पदार्थ, मसाले, खाद्य तेल, एवं मिठाईयां आदि खाद्य पदार्थों के नमूनों को प्राथमिकता के आधार पर सर्विलांस जांच करायी जायेगी व प्राप्त परिणाम के आधार पर राज्य स्तर पर प्रवर्तन की कार्यवाही द्वितीय चरण में की जायेगी। इस संबध में समस्त जनपदीय अभिहित अधिकारियों/खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किये गये हैं। साथ ही जनपद स्तर पर विधिक नमूनों के संग्रहण में भी तेजी लायी जायेगी। इसके अतिरिक्त मुख्यालय स्तर से गठित विशेष टीम द्वारा विगत माह पूर्व जनपद हरिद्वार में दुग्ध उत्पादों की जांच हेतु लिये गये पनीर के 02 नमूनों को विश्लेषणशाला द्वारा असुरक्षित घोषित किये जाने के उपरान्त अभिहित अधिकारी हरिद्वार की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद दायर किये जाने की संस्तुति दी गयी है।
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