केंद्रीय वन मंत्री ने प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई का दिया आश्वासन…
नई दिल्ली, 3 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित किए जाने और लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित परिसर के लिए आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण और वन भूमि के डायवर्जन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नैनीताल स्थित वर्तमान उच्च न्यायालय परिसर चाइना पीक की तलहटी में होने के कारण भूस्खलन की आशंका, बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटकों व वादकारियों की लगातार आवाजाही जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। नैनीताल प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण वर्षभर वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है, जिससे न्यायालय परिसर में आवागमन और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
धामी ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक और सुविधाजनक न्यायिक आधारभूत ढांचा विकसित करना आवश्यक है। हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित स्थल सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर तरीके से जुड़ा है। यहां स्थायी परिसर बनने से न्यायिक कार्यों के विस्तार के लिए पर्याप्त सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी और न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा आम नागरिकों को आवागमन सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। भारत सरकार और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समयसीमा में भूमि का कब्जा और हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण और डायवर्जन संबंधी प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्थायी परिसर बनने से प्रदेश की न्यायिक आधारभूत संरचना मजबूत होगी और न्यायिक सेवाएं अधिक सुगम, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेंगी।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया।
