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उत्तराखंड: मुसीबत की बारिश,भारी बारिश के चलते हुए दो हादसे 4 की मौत..

उत्तराखंड: पिछले कई घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण चार व्यक्तियों की मौत की खबर आई है। सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राज्य में 20 स्थानों पर भारी वर्षा हुई है। इस दौरान पौड़ी जिले के लैंसडौन तहसील के अंतर्गत एक मकान की छत गिरने से तीन व्यक्तियों की मौत हुई है जबकि दो घायल हैं। चंपावत में एक महिला की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति दबा है और उसे निकालने के लिए रेस्‍क्‍यू जारी है।

पौड़ी गढ़वाल के जयहरीखाल प्रखंड में भारी बरसात के चलते गिरे मलबे में दबने से दो नेपाली महिला मजूदरों समेत एक बच्ची की मौके पर मौत हो गई है, जबकि अन्य दो घायल हुए है। प्रखंड के लैंसडौन-गुमखाल मोटर मार्ग में ग्राम समखाल के निकट भारी बरसात के चलते पहाड़ी से मलबा गिरने लगा। घटना स्थल के निकट ही काम कर रहे मजदूर सड़क से सौ मीटर नीचे झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। मलबा झोपड़ी के ऊपर गिरने के कारण झोपड़ी में रहने वाली समूना(50) पत्नी नियाज हाल निवासी समखाल, सपना(40) पत्नी लिंगडा और अलीसा(चार साल) पुत्री सपना की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं निजाज पुत्र मुमताज(55) हाल निवासी समखाल और सविया(16) पुत्री नियाज घायल हुए है।

सूचना पर लैंसडौन से कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर और राजस्व निरीक्षक वंदना टम्टा मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। घायलों को उपचार के लिए 108 आपातकालीन सेवा से प्राथमिक स्वास्थ केंद्र जयहरीखाल में भर्ती करवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को कोटद्वार के लिए रेफर कर दिया गया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर ने बताया की सभी मजदूर समखाल में निर्माणाधीन एक होटल में कार्य कर रहे थे। आज सोमवार को बरसात तेज होने की बजह से मजदूर अपनी झोपड़ी में ही थे। भारी बरसात के चलते गिरे मलबे से मजदूर तो बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन महिला और मासूम की अंदर ही मलबे में दबने के कारण मौत हो गई।

मानसून की विदाई के बावजूद उत्तराखंड में मौसम दो दिन संवेदनशील हो सकता है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर राज्य में भारी बारिश से बचाव के लिए की जा रही तैयारियों के विषय में जानकारी ली एवं केंद्र सरकार द्वारा राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उत्तराखंड में चारों धाम की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। गंगोत्री, यमुनोत्री और हर्षिल की ऊंची पहाड़ियों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ी। आज सुबह से ही केदारनाथ धाम में बारिश हो रही है।

चेतावनी के मद्देनजर फिलहाल चार धाम यात्रा रोक दी गई है। एहतियातन श्रद्धालुओं को अगले आदेश तक विभिन्न पड़ावों पर ही ठहरने को कहा गया है। साथ ही सभी 13 जिलों में सोमवार को 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव एसएस संधू से हालात से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद शासन ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, आपदा प्रबंधन से जुड़े महकमों को हाई अलर्ट पर रखा है। अफसरों को जिला मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं गंगोत्री व यमुनोत्री की पहाड़ियों सहित नेलांग घाटी में बर्फबारी हो रही है ।

उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी शुरू हो गई है। दोनों धामों में यह सीजन की पहली बर्फबारी है। गंगोत्री धाम में बर्फबारी होती हुई। उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार रुक रुककर बारिश हो रही है। देहरादून, टिहरी, चमोली, उत्‍तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, ऋषिकेश, कोटद्वार, मसूरी में रात्रि से बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते तीर्थयात्रियों को विभिन्‍न पड़ावों पर रोका गया है। बदरीनाथ हाईवे सुचारु है। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग चिन्यालीसौड के निकट नगुण में भूस्खलन होने से बाधित हो गया था, जिसे सुचारु कर दिया गया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग खरादी और किसाला के पास अवरुद्ध हो गया है।

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