रम्माण-पौणा नृत्य से होगा PM मोदी का स्वागत, जल्द खत्म होगा देश के अंतिम गांव माणा का इंतजार..

PM Modi will be welcomed with Ramman-Pauna dance. Hillvani News
केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना और केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास करने के बाद पीएम बदरीनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने पूजा कर भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। प्रधानमंत्री के जनसभा स्थल पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत चमोली जनपद के प्रसिद्ध रम्माण मुखौटा नृत्य का प्रदर्शनकर करेंगे। यह नृत्य सलूड़ डुंग्रा गांव के ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री की अगुवाई में माणा गांव के भोटिया जनजाति की महिला व पुरुषों द्वारा पौणा नृत्य और झुमैलो नृत्य भी किया जाएगा। यह विविध कार्यक्रमों, पूजा और अनुष्ठानों की एक शृंखला है। इसमें सामूहिक पूजा, देवयात्रा, लोकनाट्य, नृत्य, गायन, मेला आदि विविध रंगी आयोजन होते हैं। रम्माण शब्द रामायण का अपभ्रंश है। इस नृत्य में भगवान श्री राम के जन्म से लेकर रावण वध तक के आयोजन को मुखौटा नृत्य के साथ आयोजित किया जाता है। कलाकार ढोल दमाऊं की थाप पर मुखौटा नृत्य की प्रस्तुति देते हैं। ढोल वादक जागर गायन भी करता है।
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संयुक्त राष्ट्र संघ के संगठन यूनेस्को द्वारा साल 2009 में इस रम्माण को विश्व की सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिया था। समुद्रतल से 10227 फीट की ऊंचाई पर सरस्वती नदी के किनारे बसे माणा गांव में भोटिया जनजाति के करीब 150 परिवार निवास करते हैं। यह गांव अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ कई अन्य कारणों से भी अपनी अलग पहचान रखता है। किसी भी सामूहिक आयोजन में महिलाएं और पुरुष समूह में पौणा व झुमेलो नृत्य आयोजित करते हैं। माणा गांव के ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय हाथ और मशीन से ऊनी वस्त्रों का निर्माण करना है। शीतकाल में ग्रामीण भेड़-बकरियों की ऊन निकालकर उनकी कताई करते हैं और तकली या मशीन से उसके तागे बनाते हैं।
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माणा गांव की अलग हैं सांस्कृतिक विरासत
यह गांव अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ कई अन्य कारणों से भी अपनी अलग पहचान रखता है। गांव की महिलाएं ऊन का लव्वा ( ऊन की धोती) और अंगुड़ी (ऊन का बिलाउज) पहनती हैं। यहां की महिलाएं हर वक्त अपने सिर को कपड़े से ढककर रखती हैं। किसी भी सामूहिक आयोजन में महिलाएं और पुरुष समूह में पौणा व झुमेलो नृत्य आयोजित करते हैं।
माणा में होगी जनसभा
देश के अंतिम गांव माणा के लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संवाद करेंगे। इसे लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह है। गांव की महिलाओं ने प्रधानमंत्री से पूछने के लिए कुछ सवाल भी तैयार किए हैं। आत्मनिर्भर माणा गांव के लोग प्रधानमंत्री के स्वागत की खास तैयारियों में जुटे हैं।
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