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करवा चौथ 2021: रोहिणी नक्षत्र में होंगे चांद के दीदार, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त..

कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी रविवार को यानी करवा चौथ को पांच साल बाद विशिष्ट संयोग बन रहे हैं। सबसे बड़े सुहाग पर्व पर रोहिणी नक्षत्र होगा। इसी संयोग में सुहागिन पति के दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए चंद्रमा को अर्घ्य देंगीं। करवाचौथ को करक चतुर्थी और दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

करवाचौथ शुभ मुहूर्त
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि प्रारंभ- रविवार सुबह 3 बजकर 1 मिनट।
चतुर्थी तिथि समापन- सोमवार सुबह 5 बजकर 43 मिनट तक।
चंद्रोदय का समय- 8 बजकर 09 मिनट पर
करवाचौथ पूजन- शुभ मुहूर्त रविवार शाम 06:55 से लेकर 08:51 तक रहेगा।

करवा चौथ व्रत पूजा का महत्त्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत सौभाग्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन शिव परिवार और भगवान गणपति की पूजा करनी चाहिए।

अपनी पत्नी रोहिणी के साथ दिखाई देंगे चंद्र देव
मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय रोहिणी के साथ होने से यह योग बन रहा है। चंद्रमा का उदय रोहिणी नक्षत्र का होना अपने आप में एक अद्भुत संयोग है। रात 1 बजकर 02 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा।

इस करवा चौथ पर है शुभ मुहूर्त खास
24 अक्टूबर रविवार शाम 5:43 बजे से रात्रि 8:54 बजे तक शुभामृत योग में पूजा स्थल पर करवा चौथ की कथा व पूजन तथा उसके पश्चात अमृत योग में चंद्रमा को अर्घ्य दिए जाने का मुहूर्त है। सूर्य राहु के नक्षत्र स्वाति में प्रातः 6:13 पर आ जाएंगे। इस प्रकार यह सुसंयोग रुके हुए कार्यों को गति देने का बन जाएगा।

करवा चौथ पूजन मुहूर्त –
अमृत मुहूर्त- सुबह 10:40 से 12:05 तक कुलदेवता/ कुलदेवी पूजन
शुभ मुहूर्त- 1:29 से 2:54 तक शिव परिवार पूजन।

शुभ मुहूर्त- शाम 5:43 से 7:18 तक करवा चौथ कथा पूजन
अमृत मुहूर्त- 7:18 से 8:54 तक – इंद्र इंद्राणी, चंद्र पूजन

करवा चौथ के दिन क्या करें
1- करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन लाल या पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इस दोनों को शुभ माना जाता है। इस दिन शादी का जोड़ा पहनना भी अच्छा होता है।
2- महिलाओं को सुबह उठकर करवा चौथ के दिन बड़े-बुजुर्गों और पति के पैर अवश्य छूने चाहिए।
3- करवा चौथ की कथा अवश्य पढ़ना या सुनना चाहिए।
4- शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करें। इस दिन पति के नाम का दीपक जलाना शुभ होता है।
5- करवा चौथ के दिन सास की ओर से दी गई सरगी को ग्रहण करना चाहिए।
6- करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को व्रत के दिन नुकीली चीजों से बिलकुल दूर रहना चाहिए। करवा चौथ व्रत के दिन किसी प्रकार की सिलाई-कढ़ाई जैसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करना अशुभ होता है।

व्रत के दिन क्या न करें
1- महिलाएं इस दिन सफेद या काले रंग के वस्त्र न पहनें। ज्योतिष शास्त्र में इन रंगों को अशुभ माना जाता है।
2- महिलाएं अपने श्रृंगार का सामान किसी को दान में न दें और न ही किसी से दान में लें।
3- व्रती महिलाओं को इस दिन दोपहर में सोना नहीं चाहिए।
4- करवा चौथ के दिन घर में झगड़ा नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मुश्किलें आती हैं।

करवा चौथ पूजन सामाग्री लिस्ट
1- करवा चौथ व्रत में पूजा के लिए ढक्कन सहित मिट्टी का करवा।
2- मां गौरी या चौथ माता एवं गणेश जी की मूर्ति।
3- पानी के लिए एक लोटा।
4- गंगाजल।
5- गाय का कच्चा दूध, दही एवं देसी घी।
6- धूप, दीप, अगरबत्ती तथा रूई और एक दीपक।
7- अक्षत, फूल, चंदन, रोली, हल्दी और कुमकुम।
8- इत्र, मिश्री, पान एवं खड़ी सुपारी।
9- मिठाई, शहद और चीनी।
10- पूजा के लिए पंचामृत और अर्घ्य के समय छलनी।
11- बैठने के लिए आसन।
12- दक्षिणा के लिए टूटे पैसे।
13- सुहाग की सारी सामग्री जैसे महावर, सिंदूर, चूड़ी, मेहंदी, बिंदी, कंघा, चुनरी, बिछुआ आदि।
14- मां गौरी को भोग लगाने के लिए फल एवं हलवा-पूड़ी।

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