हिलवाणी को सहयोग करने के लिए क्लिक करें👇

उत्तराखंडः पौड़ी के 25 गांवों में लगाया गया कर्फ्यू, धारा 144 भी लागू। जानें क्या है पूरा मामला…

0
Curfew imposed in 25 villages of Pauri. Hillvani-News

Curfew imposed in 25 villages of Pauri. Hillvani-News

पौड़ी जिला प्रशासन ने रिखणीखाल और नैनीडांडा ब्लॉक के बाघ प्रभावित करीब 25 गांवों में शाम सात से सुबह छह बजे तक क्फूर्य लगा दिया है। साथ ही क्षेत्र में धारा 144 भी लागू है। बाघ को पकड़ने के लिए प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया गया है और उसे ट्रैंकुलाइज (बेहोश) करने के लिए टीम तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने क्षेत्र में दिन के समय भी अकेले आवाजाही न करने की हिदायत जारी की है। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग के आला अधिकारी प्रभावित गांव में डेरा डाले हुए हैं। सोमवार को डीएम डॉ. आशीष चौहान ने भी बाघ प्रभावित डल्ला गांव और सिमली तल्ली पहुंचकर ग्रामीणों, अधिकारियों से वार्ता की और हालात का जायजा लिया। रिखणीखाल की ग्राम पंचायत मेलधार के डल्ला गांव (लड्वासैंण) में 13 अप्रैल की शाम खेतों में काम कर बीरेंद्र सिंह (73) को बाघ ने मार डाला था। तब से गांव के आसपास दो बाघों की मूवमेंट बनी हुई है। वन विभाग के ड्रोन सर्वे में भी इस बात की पुष्टि हुई है।

यह भी पढ़ेंः चारधाम यात्राः ध्यान दें.. नहीं तो जाना पड़ सकता है जेल। मर्यादा भूले तो होगी सख्त कार्रवाई, इन पर भी रहेगी पैनी नजर..

इस घटना के बाद करीब 25 किमी दूर स्थित नैनीडांडा के सिमली तल्ली के भैड़गांव पट्टी बूंगी में 15 अप्रैल की रात सेवानिवृत्त शिक्षक रणवीर सिंह नेगी (75) को बाघ ने मार डाला था। वन विभाग ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में वन कर्मचारियों को तैनात कर दिया है। ड्रोन कैमरे से भी पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने क्षेत्रवासियों से सतर्कता बरतने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है। मेलधार के ग्रामीणों ने बताया कि दो बाघ गांव के आसपास बने हुए हैं। सोमवार को दिन में बाघ ने एक सांड पर हमले का प्रयास किया। एक बाघ गांव के पास ही नजर आया है, जबकि दूसरा बाघ करीब 100 मीटर की दूरी पर दिखाई दिया। सोमवार शाम चार बजे तक ट्रैंकुलाइज गन की रेंज से बाहर होने के कारण उसे बेहोश नहीं किया जा सका। वह पिंजरे के पास तक तो आ रहा है लेकिन अंदर नहीं जा रहा है। उधर, एडीएम इला गिरी ने बताया कि प्रभावित गांवों में शाम सात से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंडः विजिलेंस का सीओ चकबंदी कार्यालय में छापा, पेशकार को रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार..

बाघ को नरभक्षी घोषित करने की मांग
लैंसडौन विधानसभा के दो गांवों में दो लोगों को निवाला बनाने व दशहत का पर्याय बने बाघ को नरभक्षी घोषित कर उसे शूट करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्रवासियों ने विधायक लैंसडौन से हमलावर बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। कहा कि बाघ के कारण लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। पूरे क्षेत्र के लोग दिन ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। वहीं कांग्रेस नेत्री अनुकृति गुसांई रावत व पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत ने राज्य सरकार पर क्षेत्र की घोर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि कार्बेट से निकलकर बाघ ने दो लोगों को निवाला बना लिया है। कई दिनों से बाघ क्षेत्र में घूम रहे थे, यदि समय से कार्रवाई की गई होती तो लोगों की जान बच सकती थी। कहा कि अब भी त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर बाघ को नरभक्षी घोषित किया जाना चाहिए। कहा कि इन बाघों से अन्य लोगों पर हमले की आशंका बनी हुई है। मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह, सिमली के प्रधान सतेंद्र सिंह रावत, उमटा की प्रधान लक्ष्मी देवी व ग्राम प्रधान संगठन की ओर से भी हमलावर बाघ को नरभक्षी घोषित करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए हर संभव कार्रवाई के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि बाघ के हमले के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्र के लोगों में आक्रोश होना स्वाभाविक है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड: 20 हजार की रिश्वत लेते दरोगा को रंगे हाथ विजिलेंस ने किया गिरफ़्तार…

डीएम ने डीएफओ को दिए पिंजरों व कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाने के निर्देश
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को दुगड्डा लोनिवि गृह में राजस्व व वन अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने तहसील रिखणीखाल व घुमाकोट क्षेत्र में सक्रिय बाघ को देखते हुए संबंधित क्षेत्र के डीएफओ को क्षेत्र में पिंजरों व कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाने, जिम कार्बेट के विशेषज्ञों से संपर्क कर दो ट्रेंकूलाइजर टीम भेजने, मुख्य मानकों के साथ 10 किमी परिधि का जीपीएस मैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही घटना स्थल पर तैनात फॉरेस्ट कर्मियों को पटाखे उपलब्ध कराने, क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड की संख्या बढ़ाने व बाघ के पकड़े जाने तक क्षेत्र के ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ेंः BREAKING: बाघ के डर से यहां स्कूल व आंगनवाड़ी में दो दिन का अवकाश…

जिलाधिकारी ने इन गांव में रात्रि कर्फ्यू लगाने के दिए निर्देश…
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तहसील रिखणीखाल, धुमाकोट के क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 13 एवं 15 अप्रैल 2023 को बाघ के हमले के दृष्टिगत तहसील रिखणीखाल क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डल्ला, पट्टी पैनो-4 मेलघार क्वीराली, तोल्यू, गाडियू, जुई, द्वारी, काण्डा, कोटडी एवं तहसील धुमाकोट क्षेत्रान्तर्गत ग्राम ख्यूणाई तल्ली, ख्यूणाई मल्ली, ख्यूणाई बिचली, उम्टा, सिमली मल्ली, चमाडा, सिमली तल्ली, घोडकन्द मल्ला, घोडकन्द तल्ला, काण्डी तल्ली, काण्डी मल्ली, मन्दियार गांव, खडेत, गूम, बेलम, क्षेत्रान्तर्गत रात्री कर्फ्यू लगाये जाने आदेश दिये है। उन्होंने कहा कि बाघ द्वारा हमला किये जाने से दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी है जिस कारण स्थानीय जनता में भय का माहौल व्याप्त है तथा बाघ द्वारा पुनः हमला किये जाने की प्रबल सम्भावना है। रात्रि के समय स्थानीय जनता के अनावश्यक घर से बाहर न निकले इसके दृष्टिगत अग्रिम आदेशों तक सांय 7.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाता है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड में सहायक अध्यापक बनने का मौका, जल्द करें आवेदन..

विद्यालयों/आंगनबाड़ी केन्द्रों में दो दिवसीय अवकाश घोषित
इसके साथ ही जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तहसील धुमाकोट के ग्राम भैडगांव एवं उसके आसपास के निकटवर्ती क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त होने व विद्यालय जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्थिति सामान्य होने तक ग्राम भैडगांव पट्टी बूंगी-3 तहसील धुमाकोट क्षेत्रान्तर्गत ग्राम ख्यूणाई तल्ली, ख्यूणाई मल्ली, ख्यूणाई बिचली, उम्टा, सिमली मल्ली, चमाडा, सिमली तल्ली, घोडकन्द मल्ला, घोड़कन्द तल्ला, काण्डी तल्ली, काण्डी मल्ली. मन्दियार गाँव, खडेत, गूम बेलग, क्षेत्रान्तर्गत विद्यालयों/आंगनबाड़ी केन्द्रों में तथा तहसील रिखणीखाल अन्तर्गत ग्राम डल्ला, पटटी पैनो-4, मेलधार, क्वीराली तोल्यां गाडियूं, जुई, द्वारी, काण्डा, कोटडी आदि क्षेत्रान्तर्गत विद्यालयों/आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल, 2023 को दो दिवसीय अवकाश घोषित किया है।

यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड में फिर बढ़ने लगी बिजली की किल्लत, आज इस सीजन की रिकॉर्ड बिजली मांग..

Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

हिलवाणी में आपका स्वागत है |

X