क्या अपराध की राजधानी बनता जा रहा देहरादून? 15 दिनों में सिलसिलेवार हुईं चार वारदात, बढ़ते क्राइम ने छीना सुकून..
उत्तराखंड राज्य को बने हुए 25 साल हो गए हैं हैं, लेकिन जिन उम्मीदों के साथ पहाड़ वासियों ने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी थी, वे अब टूटती नजर आ रही हैं। साल 1994 से शुरू हुए इस आंदोलन में 42 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और हजारों ने पुलिस की लाठियां खाई थीं। आज राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शांत शहरों में जिस तरह हत्या और लूट की वारदातों में इजाफा हुआ है, उसने आम नागरिकों में डर और गहरी चिंता पैदा कर दी है। देहरादून को शांत, सुरक्षित और शिक्षण संस्थानों की नगरी के रूप में जाना जाता रहा है। लेकिन, बीते डेढ़ दशक में हालात धीरे-धीरे बदले हैं। कभी रिटायर्ड अधिकारियों, छात्रों और पर्यटकों की सुकूनभरी वादियों वाला यह शहर अब संगीन अपराधों की खबरों से भी सुर्खियों में रहने लगा है। हत्या, लूट, गैंगवार, डकैती और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों की घटनाओं ने राजधानी की छवि पर सवाल खड़े किए हैं।
क्या देहरादून अपराध की राजधानी बन चुका है?
यहां तक कहा जाने लगा है कि देहरादून अपराध की राजधानी बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में अपराध के कई बड़े मामले सामने आए, जिनमें स्थानीय आपराधिक गतिविधियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के अपराधियों के तार भी जुड़े। पुलिस रिकार्ड की ही बात करें तो देहरादून में संगठित अपराध, प्रापर्टी विवाद में हत्याएं, गैंगस्टर गतिविधियां और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों (दुष्कर्म, छेड़छाड़) में लगातार इजाफा हुआ है। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। बाहरी राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड से जुड़े अपराधियों की संलिप्तता कई मामलों में सामने आई है।
15 दिनों में सिलसिलेवार हुईं चार वारदात
राज्य की राजधानी देहरादून में पिछले 15 दिनों में सिलसिलेवार हुईं हत्या की चार वारदातों से दून में सनसनी फैल गई है। शुक्रवार को सिल्वर सिटी मॉल में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या की गई थी। अब मंगलवार को एक और हत्याकांड का खुलासा हो गया। दोस्तों ने नशे में हुए विवाद के बाद अपने दोस्त की जान ले ली। पिछले कुछ हफ्तों में देहरादून जिला अपराध के मामले में सुर्खियों में रहा है। कई हत्याकांडों ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया। विक्रम हत्याकांड के बाद लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार ने पुलिस व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया था। आठ जिलों में नए पुलिस कप्तानों को तैनाती दी गई थी। 48 घंटे के अंदर दो हत्याकांड होने से देहरादून के एसएसपी अजय सिंह को भी हटाकर प्रमेंद्र सिंह डोबाल को नया कप्तान बनाया गया था।
02 फरवरी : गुंजन हत्याकांड
दूल्हा बाजार में एक युवक ने गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से काटकर हत्या कर दी थी। आरोपी आकाश और गुंजन की काफी समय से जान पहचान थी। दोनों के बीच विवाद भी चल रहा था, जिसकी शिकायत पुलिस के पास गई थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। जांच के बाद एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
11 फरवरी : अर्जुन शर्मा हत्या
तिब्बती मार्केट के बाहर टेनिस खेलकर लौट रहे गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा की दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से शहर में सनसनी फैल गई थी। हत्या की साजिश रचने का आरोप अर्जुन की मां और उसके साथी पर है।
13 फरवरी : विक्रम शर्मा हत्याकांड
सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीढि़यों के पास घात लगाए बैठे दो शूटरों ने उसके सिर पर नजदीक से कई गोलियां मारी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर फरार हो गए। चार दिन बाद भी दून पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
17 फरवरी : दिगंबर धीमान की हत्या
अब नया मामला दिगंबर धीमान की हत्या का सामने आया है। हत्या नौ फरवरी को ही हो गई थी, लेकिन पुलिस जांच में खुलासा अब हुआ है। 11 फरवरी को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस मामले की लागातार छानबीन कर रही थी। मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने दिगंबर का शव बरामद कर लिया।
