सरकार की योजनाओं पर पानी फेर रहे अधिकारी, ‘हर घर नल जल योजना’ के लिए थमाया 92,784 रुपये का बिल…
उत्तराखंड सरकार लाख कोशिशें कर ले, लेकिन अधिकारी का मन नहीं है तो कोई भी जनहित योजना परवान नहीं चढ़ सकती. राज्य सरकार पलायन को रोकने और पलायन कर चुके युवाओं को गांव-पहाड़ पर वापस लाने के लिए अच्छी योजनाएं चला रही है लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही. नया मामला पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लॉक का है. यहां ग्राम पाली तल्ली में स्वरोजगार की चाह लिए गांव वापस लौटे युवा को जल निगम कोटद्वार के अधिकारी ढाई साल से पीने के पानी के लिए तरसा रहे हैं.
क्या है मामला ?
पीड़ित सूर्या बड़थ्वाल का कहना है कि पहले मैं 15 वर्ष तक दिल्ली में राष्ट्रीय न्यूज चैनल्स में बतौर न्यूज एंकर/जर्नलिस्ट के तौर पर कार्यरत रहा. राज्य सरकार की दीन दयाल होमस्टे योजना से प्रेरित हुआ और स्वरोजगार की चाह लिए और बुजुर्ग माता-पिता की देखरेख के लिए अपने पैतृक गांव लौट आया. पर्यटन विभाग की मदद से और लोन लेकर होमस्टे बनाया. लेकिन बीते ढाई साल से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं.

ढाई साल में 4 आवेदन, नहीं मिला कनेक्शन
पीड़ित सूर्या बड़थ्वाल का कहना है कि सितंबर 2023 से घरेलू पेयजल कनेक्शन प्राप्त करने हेतु पिछले ढाई वर्षों में चार बार विधिवत आवेदन प्रस्तुत किए गए. इसके लिए कोटद्वार जल निगम के अधिशासी अभियंता अजय बेलवाल और जेई शहादत अली से मिला. पीने पानी का कनेक्शन भैरव गढ़ी पेयजल योजना से ‘हर घर नल जल योजना’ (जल जीवन मिशन) के तहत दिए जाने की मांग की. पूर्व के आवेदन मेरी माताजी स्व. श्यामा बड़थ्वाल के नाम से प्रेषित थे. जून 2025 में उनका देहांत हो गया. प्रार्थी ने स्वयं के नाम से भी प्रार्थना पत्र महोदय को प्रेषित किया था. परंतु संबंधित विभाग/कार्यालय द्वारा न तो पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई की गई. 15 दिसंबर 2025 को पुन: आवेदन किया गया. 25 दिसंबर 2025 को सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई. इसके बाद दिनांक 19 फरवरी 2026 को मुझे पेयजल विभाग कोटद्वार द्वारा 92,784 रुपये का बिल थमाया गया है. कहा गया है कि अगर ये शुल्क राशि में जमा नहीं करता हूं तो मुझे पानी का कनेक्शन नहीं मिलेगा.
बदले की नीयत से भेजा 92,784 रुपये का बिल- सूर्या
सूर्या बड़थ्वाल का कहना है कि सरकारी योजना के चक्कर में गांव लौट आए. लेकिन अब पानी का कनेक्शन ही नहीं दिया जा रहा. तो कैसे काम चलेगा. जमा-पूंजी समेत सब कुछ तो होमस्टे पर लगा दिया. लोन की किस्तें अलग चल रही हैं. जल संस्थान के अधिकारी की ये मनमानी घूसखोरी की है. वरना एक रुपये वाले पानी के कनेक्शन के लिए हजारों का बिल बिना जांच किए कैसे भेज दिया गया. वो भी पर्यटन विभाग के होम स्टे प्रोजेक्ट के लिए. भ्रष्ट अधिकारी की मनमानी ने तो मुझे बीच में लटका दिया है. गांव के लिए दिल्ली-नोएडा छोड़ा और अब यहां बिना पानी के जीवन की ऐसी-तैसी हुई पड़ी है. जब तक निभा पाएंगे, गांव में टिके रहेंगे. बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने, मौखिक एवं लिखित अनुरोध किए जाने के बावजूद भी ढाई वर्ष तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया. अब सीएम पोर्टल पर अधिशासी अभियंता अजय बेलवाल की शिकायत की तो अधिकारी ने बदला लेने की नीयत से 92,784 रुपये का बिल भेज दिया. इस तरह मेरा मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है.
पर्यटन विभाग ने की मदद – सूर्या
सूर्या का कहना है कि रिवर्स माइग्रेशन में उत्तराखंड पर्यटन विभाग और उनके अधिकारियों ने बहुत मदद की. अभी भी कर रहे हैं. कोटद्वार RBI से अभी भी रोजगार को आगे बढ़ाने के मौके मिल रहे हैं. जल निगम के कई कर्मचारी पहाड़ों पर काम करते दिख जाते हैं. लेकिन एक्सईएन अजय बेलवाल और जेई शहादत अली के काम करने का तरीका क्या है. ये पूरा इलाका जानता है. इन दोनों की वजह से कई लोगों के काम रुके पड़े हैं. कई लोगों के पानी के कनेक्शन तो लगे लेकिन पानी सप्लाई और मरम्मत की बड़ी शिकायते हैं.
विधायक, सांसद और स्पीकर को लिखा पत्र – सूर्या
पीड़ित के मुताबिक, मैंने अपनी समस्या को लेकर गढ़वाल सांसद, विधायक, विधानसभा स्पीकर, पेयजल सचिव, पौड़ी जिलाधिकारी और पर्यटन विभाग को भी पत्र लिखा. लेकिन जल निगम कोटद्वार के अधिकारी पर इसका कोई असर नहीं है. ना ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही है. ये लोक सेवक के दायित्वों का घोर उल्लंघन है.

ये दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर कोटद्वार जल निगम के अधिशासी अभियंता अजय बेलवाल द्वारा लिखित में झूठी जानकारी दी गई. गलत जानकारी देने में सहायक अभियंता( द्वितीय) शाहदत अली भी शामिल है. मैं वर्ष 2022 से सपरिवार इसी भवन में निवास कर रहा हूं. जिसका साल 2023 में पटवारी रिपोर्ट एवं 2024 में ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र सबूत है. जिसे में अलग-अलग विभागों में समय-समय पर जमा करवा चुका हूं. अधिशासी अभियंता अजय बेलवाल द्वारा कहा गया कि भवन निर्माणाधीन था. जबकि मैंने मार्च 2024 में पुराने भवन की पहली मंजिल पर होमस्टे का निर्माण शुरू करवाया. पानी का आवेदन सिंतबर 2023 का है. पहले से ही भवन में मेरा सपरिवार निवास है. अगर ऐसा ना होता तो मैं पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना का लाभार्थी ही नहीं बन सकता था. मेरी मांग है कि इन तत्थों को ध्यान में रखने हुए उचित दर पर पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए. साथ ही, ढाई वर्ष से जिस किसी कारणवश विलंब हुआ है तो उसका लिखित और विधिसम्मत स्पष्टीकरण प्रदान किया जाए.









